क्लासिक फ़्रेंच प्रेस
दरदरी कॉफ़ी, गरम पानी, 4 मिनट, धीरे से प्लंजर। भरपूर और आसान।
⏱️ 8 मिनटआसान
शुरुआती रेसिपी
30 g कॉफ़ी + 450 g पानी, 94 °C (201 °F) पर, 4 मिनट भिगोएँ, फिर प्लंजर दबाएँ।
ग्राइंड: दरदरा, समुद्री नमक जैसा
आपको चाहिए
- 30 g ताज़ा कॉफ़ी, दरदरी पिसी (समुद्री नमक जैसी)
- एक फ़्रेंच प्रेस (लगभग 500 ml या बड़ा)
- एक केतली
- किचन स्केल (या लगभग 5–6 समतल बड़े चम्मच दरदरी कॉफ़ी)
- एक चम्मच और टाइमर
- कॉफ़ी निकालने के लिए मग या जग
स्टेप-बाय-स्टेप
पानी गरम करें और पीसें
पानी उबालें और लगभग 30 सेकंड ठहरने दें, तब वह 94 °C के आसपास होगा। तब तक 30 g कॉफ़ी दरदरी पीसें, समुद्री नमक जैसी।
पहले प्रेस में थोड़ा गरम पानी डालकर उसे गरम करें, फिर फेंक दें। इससे कॉफ़ी ज़्यादा गरम रहती है।
कॉफ़ी और पानी डालें
पिसी कॉफ़ी प्रेस में डालें, उसे स्केल पर रखें, टेयर करें, और 450 g पानी डालें। पक्का करें कि सारी कॉफ़ी भीग जाए। टाइमर चालू करें।
ढक्कन लगाएँ और भीगने दें
प्लंजर को पूरा ऊपर खींचकर ढक्कन रखें, ताकि गर्मी बनी रहे पर कॉफ़ी को छुए नहीं। 4 मिनट इंतज़ार करें।
4:00परत तोड़ें
ढक्कन हटाएँ और ऊपरी हिस्से को चम्मच से हल्के से चलाएँ। ज़्यादातर पिसी कॉफ़ी नीचे बैठ जाएगी। ज़्यादा साफ़ कप चाहिए तो ऊपर तैरता झाग निकाल दें।
धीरे से प्लंजर दबाएँ
ढक्कन वापस लगाएँ और प्लंजर को धीरे-धीरे, एक-सी रफ़्तार से नीचे दबाएँ, लगभग 15–20 सेकंड में। अगर बहुत सख़्त लगे, तो रुकें, ज़रा-सा ऊपर उठाएँ और फिर हल्के से दबाएँ।
हैंडल को मज़बूती से पकड़ें और हाथ काँच के ऊपर न रखें। ज़बरदस्ती करने पर गरम कॉफ़ी उछलकर बाहर आ सकती है।
सारी कॉफ़ी निकाल लें
सारी कॉफ़ी तुरंत मगों या जग में डाल दें। पिसी कॉफ़ी पर रखी कॉफ़ी से स्वाद निकलता रहता है और वह कड़वी हो जाती है। आख़िरी चम्मच भर प्रेस में ही छोड़ दें: तलछट वहीं होता है।
चखें और बदलें
खट्टी या पतली? थोड़ा बारीक पीसें या एक मिनट ज़्यादा भिगोएँ। कड़वी या तीखी? थोड़ा दरदरा पीसें। फीकी? दो-एक ग्राम कॉफ़ी और डालें।
आम ग़लतियाँ
- बहुत बारीक पीसना: प्लंजर दबाना मुश्किल होता है और कप गंदला हो जाता है।
- प्लंजर दबाने के बाद कॉफ़ी प्रेस में ही छोड़ देना, जिससे वह पकती रहती है और कड़वी हो जाती है।
- प्लंजर ज़ोर से और तेज़ी से दबाना, जिससे महीन चूरा उठ जाता है और गरम कॉफ़ी छलक सकती है।
- डार्क रोस्ट के साथ खौलता पानी सीधे डालना, जिससे स्वाद तीखा हो सकता है। एक पल रुकने दें।
- बिल्कुल आख़िरी हिस्सा तलछट समेत अपने कप में डाल लेना।
स्वाद ठीक नहीं? ठीक करें
| अगर… | यह आज़माएँ |
|---|---|
| खट्टी या पतली | थोड़ा बारीक पीसें, या ज़्यादा देर भिगोएँ: 4 की जगह 5 मिनट आज़माएँ। |
| कड़वी या तीखी | थोड़ा दरदरा पीसें, और प्लंजर दबाते ही कॉफ़ी निकाल लें ताकि स्वाद निकलना रुक जाए। |
| फीकी | उतने ही पानी में ज़्यादा कॉफ़ी लें, जैसे 30 g की जगह 32 g। |
| बहुत कड़क | उतने ही पानी में थोड़ी कम कॉफ़ी लें, जैसे 28 g। |
| गंदला या किरकिरा कप | दरदरा पीसें, प्लंजर और धीरे दबाएँ, और आख़िरी चम्मच भर प्रेस में छोड़ दें। कप को एक मिनट रखने से भी तलछट बैठ जाता है। |
| प्लंजर दबाना बहुत मुश्किल | ग्राइंड बहुत बारीक है। अगली बार दरदरा पीसें, और अभी के लिए छोटे-छोटे हल्के धक्कों में दबाएँ। |
शब्द जो आप सुनेंगे
- भिगोना
- कॉफ़ी को पानी में पड़े रहने देना ताकि स्वाद निकले। फ़्रेंच प्रेस में यही मुख्य काम है, आमतौर पर लगभग 4 मिनट।
- इमर्शन
- कॉफ़ी बनाने का वह तरीक़ा जिसमें पानी कॉफ़ी में से गुज़रने की जगह, सारी कॉफ़ी एक साथ सारे पानी में भीगती है।
- परत (क्रस्ट)
- भीगते समय ऊपर बनने वाली तैरती पिसी कॉफ़ी और झाग की परत।
- परत तोड़ना
- परत को हल्के से चलाना ताकि पिसी कॉफ़ी गीली होकर नीचे बैठ जाए। इससे बढ़िया ख़ुशबू भी आती है।
- फ़ाइन्स (महीन चूरा)
- पीसने से बने पाउडर जैसे छोटे कण। ये जाली से निकल जाते हैं और कप को गंदला कर देते हैं।
- अनुपात
- पानी का वज़न भाग कॉफ़ी का वज़न। 1:15 का मतलब है 30 g कॉफ़ी पर 450 g पानी।
- एक्सट्रैक्शन
- पानी पिसी कॉफ़ी से कितना स्वाद खींचता है। कम एक्सट्रैक्शन: खट्टा और पतला; ज़्यादा एक्सट्रैक्शन: कड़वा और रूखा।
- उड़ेल लेना
- प्रेस से सारी कॉफ़ी कपों या जग में निकाल लेना, ताकि स्वाद निकलना रुक जाए।