आपका पहला कोन पोर-ओवर
15 g कॉफ़ी, 240 g पानी, एक ब्लूम और दो बार हल्के से पानी। लगभग 3 मिनट में तैयार।
⏱️ 8 मिनटथोड़ा अभ्यास
शुरुआती रेसिपी
15 g कॉफ़ी + 240 g पानी, 93 °C (199 °F) पर, कुल समय 2:30–4:00।
ग्राइंड: मध्यम-बारीक, खाने वाले नमक जैसा
आपको चाहिए
- 15 g ताज़ा कॉफ़ी, मध्यम-बारीक पिसी (खाने वाले नमक जैसी)
- कोन ड्रिपर और उसमें फ़िट होने वाला पेपर फ़िल्टर
- एक केतली (गूज़नेक हो तो और अच्छा)
- किचन स्केल और टाइमर
- एक मग या छोटा जग
- लगभग 400 g पानी (धोने के लिए अतिरिक्त)
स्टेप-बाय-स्टेप
पानी गरम करें
पानी उबालें और उबाल से उतारकर लगभग 30 सेकंड ठहरने दें, तब वह 93 °C के आसपास होगा। तब तक 15 g कॉफ़ी को लगभग खाने वाले नमक जितना पीस लें।
फ़िल्टर धो लें
पेपर फ़िल्टर को उसकी सिलाई पर मोड़ें, कोन में रखें और कोन को अपने मग पर रखें। कागज़ का स्वाद धोने और सब गरम करने के लिए उसमें से गरम पानी डालें। धोने वाला पानी फेंक दें।
उँगलियों का ध्यान रखें: कोन और मग गरम हो जाते हैं।
कॉफ़ी डालें और स्केल ज़ीरो करें
पिसी कॉफ़ी फ़िल्टर में डालें और कोन को हल्के से हिलाएँ ताकि परत सपाट हो जाए। सब कुछ स्केल पर रखें और टेयर करके ज़ीरो कर दें।
ब्लूम
टाइमर चालू करें और लगभग 45 g पानी डालें, इतना कि सारी पिसी कॉफ़ी गीली हो जाए। कोन को हल्के से घुमाएँ। उसे फूलते और बुलबुले छोड़ते देखें: यह गैस निकल रही है। इंतज़ार करें।
40 sपहली मुख्य धार
बीच से बाहर की ओर छोटे गोलों में धीरे-धीरे डालें, कागज़ के किनारे से बचते हुए, जब तक स्केल पर 150 g न हो जाए। लगभग 1:15 तक पूरा करने की कोशिश करें।
दूसरी धार
जब पानी का स्तर थोड़ा घट जाए, फिर से धीमे गोलों में 240 g तक डालें। लगभग 1:45 तक पूरा करने की कोशिश करें। परत सपाट करने के लिए कोन को एक बार हल्के से घुमाएँ।
निकलने दें
पानी को नीचे निकलने दें। ड्रॉडाउन आपके टाइमर पर 2:30 से 4:00 के बीच पूरा होना चाहिए। समय नोट करें: अगली बार के लिए यही आपका सबसे अच्छा सुराग है।
1:30चखें और बदलें
कोन हटाएँ, मग घुमाएँ और एक मिनट ठंडा होने दें: ठंडा होने पर स्वाद खुलते हैं। खट्टी या पतली? थोड़ा बारीक पीसें। कड़वी या रूखी? थोड़ा दरदरा पीसें।
आम ग़लतियाँ
- स्केल छोड़कर पानी का अंदाज़ा लगाना: अनुपात में छोटा बदलाव भी स्वाद बहुत बदल देता है।
- कागज़ की दीवारों पर पानी डालना, जिससे पानी कॉफ़ी में से गुज़रने की जगह उसके चारों ओर से बह जाता है।
- बहुत तेज़ी से डालना और कोन को ऊपर तक भर देना।
- हफ़्तों पहले पिसी कॉफ़ी इस्तेमाल करना: कुछ भी करें, स्वाद बेजान ही रहता है।
- ग्राइंड और पानी डालने का तरीक़ा एक साथ बदलना।
स्वाद ठीक नहीं? ठीक करें
| अगर… | यह आज़माएँ |
|---|---|
| खट्टी, तीखी या पतली | थोड़ा बारीक पीसें। पानी को निकलने में ज़्यादा समय लगेगा और वह ज़्यादा मिठास निकालेगा। |
| कड़वी, रूखी या तीखी | थोड़ा दरदरा पीसें ताकि पानी जल्दी बहे और कम स्वाद निकाले। |
| फीकी या पानी जैसी | उतने ही पानी में थोड़ी ज़्यादा कॉफ़ी लें, जैसे 15 g की जगह 16 g। |
| बहुत कड़क या भारी | उतने ही पानी में थोड़ी कम कॉफ़ी लें, जैसे 15 g की जगह 14 g। |
| बहुत जल्दी निकल जाती है (2:30 से कम) | बारीक पीसें, और थोड़ा धीरे डालें। |
| बहुत धीरे निकलती है या अटक जाती है (4:00 से ज़्यादा) | दरदरा पीसें। ज़ोर से चलाने की जगह हल्के से घुमाएँ, क्योंकि चलाने से महीन चूरा फ़िल्टर में धँस जाता है। |
शब्द जो आप सुनेंगे
- ब्लूम
- पहली बार थोड़ा पानी डालना जो बस पिसी कॉफ़ी को गीला करे। ताज़ी कॉफ़ी फूलती है और गैस छोड़ती है, जिससे बाकी पानी बराबर स्वाद निकालता है।
- अनुपात
- पानी का वज़न भाग कॉफ़ी का वज़न। 1:16 का मतलब है 15 g कॉफ़ी पर 240 g पानी।
- एक्सट्रैक्शन
- पानी पिसी कॉफ़ी से कितना स्वाद खींचता है। कम एक्सट्रैक्शन: खट्टा और पतला; ज़्यादा एक्सट्रैक्शन: कड़वा और रूखा।
- ड्रॉडाउन
- आख़िरी चरण, जब आप पानी डालना बंद कर चुके हैं और पानी कॉफ़ी की परत से नीचे निकल रहा है। इससे पता चलता है कि आपका ग्राइंड कितना बारीक है।
- परत (बेड)
- फ़िल्टर में पिसी कॉफ़ी की परत। ड्रॉडाउन के बाद सपाट परत का मतलब है कि पानी बराबर बहा।
- पल्स पोर
- एक लंबी लगातार धार की जगह, छोटे-छोटे रुकावों के साथ कई छोटे हिस्सों में पानी डालना।
- गूज़नेक केतली
- पतली, मुड़ी हुई टोंटी वाली केतली, जिससे धीमी, सटीक धार निकलती है। काम की है, पर सामान्य केतली से ध्यान से डालना भी चलता है।
- फ़ाइन्स (महीन चूरा)
- पीसने से बने धूल जैसे छोटे कण। ज़्यादा हों तो फ़िल्टर बंद कर सकते हैं और ड्रॉडाउन धीमा कर देते हैं।