साइफ़न से आपकी पहली कॉफ़ी
गरम करें, पानी ऊपर चढ़ने दें, कॉफ़ी मिलाएँ, लगभग एक मिनट भिगोएँ, और उसे वापस नीचे उतरते देखें।
⏱️ 15 मिनटअभ्यास चाहिए
शुरुआती रेसिपी
20 g कॉफ़ी + 300 g पानी, ऊपरी बर्तन में 91–96 °C (196–205 °F) पर, कॉफ़ी डालने से ड्रॉडाउन ख़त्म होने तक 1:30–2:30।
ग्राइंड: मध्यम, मोटी रेत जैसा
आपको चाहिए
- 20 g ताज़ा कॉफ़ी, मध्यम पिसी (मोटी रेत जैसी)
- फ़िल्टर के साथ साइफ़न ब्रूअर (कपड़ा, कागज़ या धातु)
- आँच: ब्रूअर का बर्नर या हैलोजन हीटर
- 300 g पानी (केतली का गरम पानी काम जल्दी करता है)
- किचन स्केल और टाइमर
- बाँस का पैडल या चम्मच, और एक सूखा तौलिया
- चाहें तो: थर्मामीटर
स्टेप-बाय-स्टेप
फ़िल्टर तैयार करें
कपड़े के फ़िल्टर को गरम पानी में भिगोएँ, या पेपर फ़िल्टर धो लें। इसे ऊपरी बर्तन में लगाएँ और इसकी चेन को काँच की नली के सिरे पर फँसा दें, ताकि फ़िल्टर बीच में और कसकर बैठे।
कपड़े के फ़िल्टर को इस्तेमाल के बीच फ़्रिज में किसी डिब्बे में गीला रखें और अच्छी तरह धोएँ। सूखे कपड़े में सीलन की बू आ जाती है।
निचला गोला भरें और सुखाएँ
निचले गोले में 300 g गरम पानी डालें। फिर बाहर से तौलिये से पूरी तरह सुखा दें। गरम काँच पर पानी की बूँदें उसे चटका सकती हैं।
निचले गोले को कभी ख़ाली गरम न करें।
गरम करें और ऊपरी बर्तन लगाएँ
आँच शुरू करें। ऊपरी बर्तन को बिना सील किए तिरछा ऊपर टिका दें। जब चेन से छोटे बुलबुले उठने लगें, ऊपरी बर्तन को हल्के से घुमाकर सीधा नीचे दबाएँ ताकि वह सील हो जाए।
पानी को ऊपर चढ़ने दें
पानी ऊपरी बर्तन में चढ़ता है। थोड़ा नीचे रह जाता है, यह सामान्य है। आँच इतनी कम करें कि पानी हल्के बुलबुलों के साथ बस ऊपर टिका रहे। थर्मामीटर हो तो ऊपरी बर्तन में 91–96 °C रखें।
कॉफ़ी डालें और चलाएँ
टाइमर चालू करें, 20 g पिसी कॉफ़ी डालें और हल्के से चलाएँ, नीचे दबाते हुए जब तक सारी गीली न हो जाए। कुछ धीमे गोल घुमाव काफ़ी हैं।
60 sभीगने दें
धीमी आँच पर लगभग एक मिनट बनने दें। आपको तीन परतें दिखेंगी: ऊपर झाग, बीच में कॉफ़ी, और उसके ऊपर तैरती पिसी कॉफ़ी।
आँच बंद करें और एक बार चलाएँ
आँच बंद करें या हटा दें, फिर एक बार हल्के से चलाएँ। निचला गोला ठंडा होते ही कॉफ़ी फ़िल्टर से वापस नीचे खिंच जाती है।
45 sड्रॉडाउन देखें
ड्रॉडाउन में लगभग 30–60 सेकंड लगने चाहिए और फ़िल्टर पर पिसी कॉफ़ी का साफ़-सुथरा गुंबद बचना चाहिए। कॉफ़ी डालने से अब तक का कुल समय लगभग 1:30–2:30 होना चाहिए।
सावधानी से परोसें
सील तोड़ने के लिए ऊपरी बर्तन को हल्के से हिलाएँ और उठाकर उसके स्टैंड में रखें। निचले गोले के हैंडल से कॉफ़ी डालें। धोने से पहले काँच को ठंडा होने दें।
चखें और बदलें
खट्टी या पतली? थोड़ा बारीक पीसें या थोड़ा ज़्यादा भिगोएँ। कड़वी या रूखी? थोड़ा दरदरा पीसें या थोड़ा कम भिगोएँ।
आम ग़लतियाँ
- बाहर से गीले निचले गोले को गरम करना, जिससे काँच चटक सकता है।
- फ़िल्टर की चेन फँसाना भूल जाना, जिससे फ़िल्टर टेढ़ा बैठता है और पिसी कॉफ़ी निकल जाती है।
- पानी चढ़ने के बाद भी तेज़ आँच रखना, जिससे वह ज़ोर से उबलता है और ज़्यादा एक्सट्रैक्ट होता है।
- बहुत ज़ोर से चलाना, जिससे ड्रॉडाउन अटक जाता है।
- ड्रॉडाउन पूरा होने से पहले ऊपरी बर्तन निकाल लेना।
स्वाद ठीक नहीं? ठीक करें
| अगर… | यह आज़माएँ |
|---|---|
| खट्टी या पतली | थोड़ा बारीक पीसें, या आँच बंद करने से पहले 15–20 सेकंड ज़्यादा भिगोएँ। |
| कड़वी या रूखी | थोड़ा दरदरा पीसें, थोड़ा कम भिगोएँ, और पानी चढ़ने के बाद आँच कम कर दें। |
| फीकी | उतने ही पानी में ज़्यादा कॉफ़ी लें, जैसे 20 g की जगह 22 g। |
| बहुत कड़क | उतने ही पानी में थोड़ी कम कॉफ़ी लें, जैसे 18 g। |
| ड्रॉडाउन अटक जाता है या एक मिनट से ज़्यादा लेता है | ज़रा-सा दरदरा पीसें और हल्के से चलाएँ। देखें कि फ़िल्टर बीच में और साफ़ है। |
| पानी ऊपरी बर्तन में नहीं चढ़ता | सील कसी नहीं है। आँच बंद करें, एक पल रुकें, फिर ऊपरी बर्तन को मज़बूती से और सीधा दोबारा बैठाएँ। |
शब्द जो आप सुनेंगे
- निचला गोला
- नीचे का गोल काँच का हिस्सा, जिसमें पानी रहता है और बाद में तैयार कॉफ़ी आती है।
- ऊपरी बर्तन
- काँच की नली वाला ऊपर का हिस्सा। पानी इसमें चढ़ता है और कॉफ़ी यहीं बनती है।
- फ़िल्टर
- कपड़े, कागज़ या धातु की गोल डिस्क जो ऊपरी बर्तन के तले में बैठती है और पिसी कॉफ़ी को रोकती है।
- ड्रॉडाउन
- जब आँच हटाई जाती है और कॉफ़ी वापस निचले गोले में खिंच जाती है। इसमें लगभग 30–60 सेकंड लगने चाहिए।
- वैक्यूम
- निचला गोला ठंडा होने पर अंदर की भाप पानी बन जाती है और दबाव घट जाता है, जो कॉफ़ी को वापस नीचे खींच लेता है।
- अनुपात
- पानी का वज़न भाग कॉफ़ी का वज़न। 1:15 का मतलब है 20 g कॉफ़ी पर 300 g पानी।
- एक्सट्रैक्शन
- पानी पिसी कॉफ़ी से कितना स्वाद खींचता है। कम एक्सट्रैक्शन: खट्टा और पतला; ज़्यादा एक्सट्रैक्शन: कड़वा और रूखा।