मोका पॉट
मोका पॉट चूल्हे पर रखने वाला तीन हिस्सों का छोटा पॉट है: नीचे पानी, बीच में कीप जैसी बास्केट में कॉफ़ी, और तैयार कॉफ़ी उबलकर ऊपर वाले हिस्से में आती है 🔥। पानी गरम होने पर भाप का दबाव उसे कॉफ़ी में से ऊपर धकेलता है। नतीजा: कड़क, दमदार और चॉकलेट जैसी कॉफ़ी, एस्प्रेसो और फ़िल्टर कॉफ़ी के बीच की। यह सस्ता है, बरसों चलता है और पूरी रसोई को शानदार ख़ुशबू से भर देता है।
ग्राइंड: लगभग बारीक, एस्प्रेसो से थोड़ा दरदरा
अपना प्रकार चुनें
- चूल्हे वाला मोका पॉट, बिना जले स्वाद केगरम पानी डालें, कॉफ़ी समतल करें (टैंप नहीं), धीमी आँच रखें, गुड़गुड़ाहट होते ही आँच से उतारें।10 मिनट · आसान
- इलेक्ट्रिक मोका पॉट, आराम से और आसानी सेवाल्व तक भरें, कॉफ़ी समतल करें, चालू करें, और गुड़गुड़ाहट होते ही रोक दें।10 मिनट · आसान
शब्द जो आप सुनेंगे
- बॉयलर
- नीचे का हिस्सा जिसमें पानी भरते हैं। इसके किनारे पर सेफ़्टी वाल्व होता है।
- सेफ़्टी वाल्व
- बॉयलर पर पीतल का छोटा वाल्व, जो बहाव रुकने पर दबाव बाहर निकाल देता है। इसके ऊपर तक कभी न भरें और इसे कभी न ढकें।
- कीप वाली बास्केट
- धातु की बास्केट जिसमें पिसी कॉफ़ी रहती है और जो बॉयलर में बैठती है।
- कलेक्टर
- ऊपर का हिस्सा जहाँ तैयार कॉफ़ी चढ़कर जमा होती है।
- गुड़गुड़ाहट
- आख़िर में जब भाप निकलने लगती है, तब की गुड़गुड़ और छींटों वाली आवाज़। आँच से उतारने का इशारा।
- अनुपात
- पानी का वज़न भाग कॉफ़ी का वज़न। आम मोका बास्केट और बॉयलर लगभग 1:10 पर आते हैं, जैसे 15 g कॉफ़ी पर 150 g पानी।
- एक्सट्रैक्शन
- पानी पिसी कॉफ़ी से कितना स्वाद खींचता है। कम एक्सट्रैक्शन: खट्टा और पतला; ज़्यादा एक्सट्रैक्शन: कड़वा और जला हुआ।