टर्किश कॉफ़ी
टर्किश कॉफ़ी पाउडर जैसी बारीक कॉफ़ी को पानी के साथ (और चाहें तो चीनी के साथ) एक छोटे, लंबे हैंडल वाले बर्तन में धीमी आँच पर गरम करके बनती है, जिसे जेज़वे कहते हैं 🏺। इसे कभी छाना नहीं जाता: आप इसे छोटे कप में डालते हैं, पिसी कॉफ़ी को नीचे बैठने देते हैं, और ऊपर की भरपूर, मख़मली कॉफ़ी की चुस्कियाँ लेते हैं। गाढ़ा झाग हर मेज़बान की शान है। यह झटपट बनती है, सुकून देती है और परंपरा से भरी है।
ग्राइंड: बहुत बारीक, आटे जैसा
अपना प्रकार चुनें
- जेज़वे में टर्किश कॉफ़ीठंडा पानी, आटे जैसी बारीक कॉफ़ी, धीमी आँच, और झाग उठते ही उतार लें।6 मिनट · थोड़ा अभ्यास
- इलेक्ट्रिक मशीन या गरम रेत पर टर्किश कॉफ़ीधीमी आँच का काम मशीन या गरम रेत को करने दें, और आप झाग पर नज़र रखें।5 मिनट · आसान
शब्द जो आप सुनेंगे
- जेज़वे
- लंबे हैंडल और पतली गर्दन वाला छोटा बर्तन, पारंपरिक रूप से ताँबे या पीतल का। इसे इब्रिक भी कहते हैं।
- झाग
- गाढ़ी, मलाईदार परत जो कॉफ़ी गरम होने पर ऊपर उठती है। भरपूर झाग अच्छे से बने कप की निशानी है।
- टर्किश ग्राइंड
- सबसे बारीक ग्राइंड, आटे या कोको पाउडर जैसा। कई ग्राइंडर इतना बारीक नहीं पीस पाते; पहले से पिसी टर्किश कॉफ़ी अच्छी चलती है।
- तलछट
- कप के तले में बैठने वाली गाढ़ी पिसी कॉफ़ी। इसे बैठने दें और वहीं छोड़ दें।
- अनुपात
- पानी का वज़न भाग कॉफ़ी का वज़न। 1:10 का मतलब है 7 g कॉफ़ी पर 70 g पानी, यानी एक छोटा कप।
- डेमिटास
- लगभग 60–90 ml का छोटा कप, जो टर्किश कॉफ़ी और एस्प्रेसो के लिए इस्तेमाल होता है।